50 साल बाद डीएवी कालेज पहुंचने वाले दूसरे राष्ट्रपति होंगे रामनाथ कोविंद

कानपुर । दयानंद एंग्लो वैदिक (डीएवी) कालेज 25 फरवरी को अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है। जिसमें बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद शिरकत करेंगे। इससे पहले 50 वर्ष पूर्व कालेज के गोल्डन जुबली में तत्कालीन राष्ट्रपति वीवी गिरि पहुंचे थे। तो वहीं दूसरी तरफ यह एक उपलब्धि व संयोग ही है कि उस समय राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद यहां के छात्र हुआ करते थे और मंच के नीचे छात्र की हैसियत से गोल्डन जुबली कार्यक्रम को देखे थे। वहीं कल अपने ही स्कूल में बतौर मुख्य अतिथि के रुप में कार्यक्रम में भाग लेगें।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 25 फरवरी को अपने शहर कानपुर आ रहे हैं और अलग-अलग चार जगहों पर होने वाले कार्यक्रमों में भाग लेगें। जिसमें सबसे प्रमुख डीएवी कालेज का शताब्दी वर्ष कार्यक्रम है, क्योंकि राष्ट्रपति ने यहीं से स्नातक की शिक्षा ग्रहण की थी। अपने ही छात्र को मुख्य अतिथि बनता देख कालेज प्रबंधन व छात्रों में खुशी का माहौल है। कालेज के सचिव डा. नागेन्द्र स्वरुप ने रविवार को बताया कि शताब्दी वर्ष में शोध, तकनीकी, व्यावसायिक व रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अनेक पाठयक्रम आरंभ किये जाएंगे। उन्होंने बताया कि कॉलेज की स्थापना आर्य समाज आंदोलन की सर्वोच्च प्राथमिकता शिक्षा प्रसार को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 1919 में की गयी थी। प्रारंभ में इसमें बालिकाओं को शिक्षा प्रदान की जाती थी व विधि की कक्षाएं सायंकाल को चलती थी। वर्ष 1958 में बालिकाओं के लिए दयानंद गर्ल्स कॉलेज की स्थापना की गयी व विधि शिक्षा के लिए दयानंद विधि विद्यालय की स्थापना हुई। कॉलेज में वर्तमान में कला, वाणिज्य व विज्ञान वर्ग के 22 पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं। बताया कि 1969 में कालेज ने गोल्डन जुबली वर्ष मनाया था जिसमें तत्कालीन राष्ट्रपति वीवी गिरि आये हुए थे और उस समय राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद यहां के छात्र हुआ करते थे। आगे कहा कि शताब्दी वर्ष कार्यक्रम की तैयारियां जिला प्रशासन के सहयोग से पूरी कर ली गयी हैं। वहीं कालेज में राष्ट्रपति के कार्यक्रम को लेकर भारी फोर्स तैनात कर दिया गया है और दिनभर आलाधिकारियों का आना-जाना बना रहा। इसके साथ ही खुफिया विभाग के लोग भी चौकन्ना हैं।
पूर्व छात्रों में शामिल हैं कई नामचीन व्यक्तित्व
नागेन्द्र स्वरुप ने बताया कि डीएवी कॉलेज के पूर्व छात्रों में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद व भारत रत्न पूर्व प्रधान मंत्री स्व. अटल विहारी वाजपेयी के अलावा एयर मार्शल आरसी वाजपेयी, पद्मभूषण स्व.गोपाल दास नीरज, पद्मश्री कन्हैया लाल नंदन, पद्मश्री महीप सिंह, पद्मभूषण पूर्व कुलपति स्व. प्रो.सर्वज्ञ सिंह कटियार व महान वैज्ञानिक आत्मराम जैसे व्यक्तित्व शामिल हैं।
मंचासीन होंगे केवल सात लोग
डीएवी कॉलेज के शताब्दी समारोह के मंच पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सहित केवल सात लोग मंचासीन होंगे। मंच पर राष्ट्रपति के साथ राज्यपाल राम नाईक, स्थानीय सांसद डा. मुरली मनोहर जोशी, डीएवी कॉलेज प्रबंध समिति के सचिव डा. नागेन्द्र स्वरुप, प्रबंध समिति सचिव कुमकुम स्वरूप, गौरवेन्द्र स्वरूप व कॉलेज प्राचार्य डॉ. अमित श्रीवास्तव मौजूद रहेंगे।
खान-पान का आया निर्देश
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद प्याज, लहसून व चाय का सेवन नहीं करते हैं। डीएवी कॉलेज के शताब्दी समारोह में सोमवार को कानपुर आ रहे राष्ट्रपति के खान-पान के संदर्भ में जो निर्देश आये हैं, उनमें उक्त बातों का जिक्र है। राष्ट्रपति गाय के दूध की कॉफी पी सकते हैं।
बनाये गये दो सेफ हाउस
राष्ट्रपति-राज्यपाल की सुरक्षा के मद्देनजर डीएवी कॉलेज में दो सेफ हाउस की व्यवस्था भी की गयी है। कॉलेज के शताब्दी समारोह में भागीदारी के लिए कॉलेज प्रबंधन ने करीब 2000 लोगों को आमंत्रित किया है। शताब्दी समारोह के मौके पर कॉलेज प्रबंधन द्वारा राष्ट्रपति को कॉलेज की उनकी प्राचीन फोटो को फ्रेम कराया गया है। कॉलेज में प्रवेश के समय का एनरोलमेंट व छात्रों द्वारा बनाये गये राष्ट्रपति की पोट्रेट भेंट की जाएंगी।



हज़रत मख्दूमे माहिमी बचपन से ही वालदैन के फ़रमॉ बरदार और खिदमत ग़ुज़ार थे:मौलाना हस्सान क़ादरी
तन्ज़ीम बरेलवी उलमा-ए-अहले सुन्नत के ज़ेरे एहतिमाम बाबूपुरवा मे उर्स मख्दूम अली माहिमी मनाया गया
कानपुर: बर्रे सग़ीर में जा बजा औलियाए किराम के मज़ारात हैं जो बरसों से लोगों के लिये किब्लए अक़ीदत बने हुए हैं उन्हीं में एक नाम हज़रते मख़्दूम अली माहिमी रजि अल्लाहु अन्हु भी हैं
आपकी विलादत (पैदाइश) माहिम शरीफ (मुम्बई) में 10 मोहर्मुल हराम को फिरोज़ शाह तुग़लक़ के दौर में हुई, आपका तारीख़ी नाम अली या अलाउद्दीन है, आपके वालिदे करीम हज़रते शैख़ अहमद भी अपने वक़्त के जलीलुल क़द्र वली थे तालीम व तरबीयत वालिदे करीम से ही हासिल फरमाई, फिक़ह, मन्तिक़ फल्सफा, हदीस व तफ्सीर के उलूम की तक्मील भी वालिद साहब से ही हासिल की
और कुछ रिवायात के मुताबिक़ वालिद के इन्तेक़ाल के बाद हज़रते खिज़्र अलैहिस्सलाम से बाक़ी इल्म हासिल किया इन ख्यालात का इज़हार तन्ज़ीम बरेलवी उलमा-ए-अहले सुन्नत के ज़ेरे एहतिमाम बाबूपुरवा के अल हरम क्लाथ इम्पोरियम मे हुए उर्स मख्दूम अली माहिमी मे तन्ज़ीम के मीडिया इंचार्ज मौलाना मोहम्मद हस्सान क़ादरी ने किया तन्ज़ीम के सदर हाफिज़ व क़ारी सैयद मोहम्मद फ़ैसल जाफ़री की सदारत मे हुए जलसे को मौलाना ने आगे कहा कि 
हज़रते मख़दूमे माहिमी बचपन से ही बड़े बा अदब, वालिदैन के फरमाँ बरदार और खिदमत गुज़ार थे, एक बार इशा के बाद आपकी वालिदा ने पानी माँगा, जब आप पानी लेकर गए तो वालिदा को नींद आ गई थी, आपने वालिदा को बेदार नहीं किया बल्कि इन्तेज़ार करने लगे, जब वक़्ते तहज्जुद आया और वालिदा बेदार हुईं तो बेटे को पानी लिये पास खड़ा पाया, उठ कर वुज़ू किया और बारगाहे मौला में हाथ उठा कर अर्ज़ की परवरदिगार मेरे बेटे को मन्सबे विलायत पर क़ाएम फरमा
आप बड़े फय्याज़, दर्दमन्द और हर मज़हब के लोगों की दिल खोल कर मदद फरमाते थे, दस्तर ख़्वान पर हमेशा मेहमानों की भीड़ रहती थी, हर मज़हब के लोग आपकी ताज़ीम करते
आप अक्सर इबादत व रियाज़त में मश्ग़ूल रहते और इन औक़ात में दुनिया को भूल जाते
जब आपकी शोहरत बादशाह तक पहुंची तो उसने अपनी बहन के साथ आपका निकाह कर दिया एक बार कुछ शाही औरतें आपके घर पर आईं उस वक़्त आप हालते वज्द में थे और घर की दहलीज़ पर बैठे थे, औरतें देख कर झिझक गईं तो आपकी वालिदा ने करा डरो मत अंदर आ जाओ मेरा बेटा इस वक़्त किसी और दुनिया में है, वह औरतें अंदर आ गईं और पूछने लगीं कि हमें कैसे पता हो कि मख़्दूम साहब किसी और दुनिया में हैं?
तो वालिदा एक तहबन्द लेकर आपके पास आईं और कहा बेटे तहबन्द बाँध कर अपने कपड़े उतार दो ताकि इसे धो दूँ, आपने कपड़े उतार कर उन्हें दे दिये जब्कि वह कपड़े बिल्कुल साफ थे, आपकी वालिदा कुछ देर बाद गंदे कपड़े लेकर आईं और कहा बेटा यह साफ कपड़े पहन कर पहने हुई तहबन्द मुझे दे दो ताकि मैं धो डालूँ तो आपने गंदे कपड़े पहन लिये, वालिदा ने कहा देखा मेरे बेटे को, जब वह अपने रब के साथ होता है तो उसे दुनिया की कोई ख़बर नहीं होती
आप बा करामत वली थे, एक बार एक हिन्दू ताजिर का जहाज़ सामाने तिजारत लेकर किसी बंदरगाह के लिये रवाना हुआ मगर 7 साल गुज़र गए और वह जहाज़ वापस ना आया, उस ताजिर की सारी कमाई उस जहाज़ में थी, उसने कई पंडितों और नुजूमियों से पूछा और सब ने यही बताया कि तुम्हारा जहाज़ डूब चुका है
उसके किसी दोस्त ने कहा तुम मख़्दूम अली माहिमी से पता करो तो वह आपकी खिदमत में हाजिर हुआ आपने उसे देख कर फरमाया जाओ अल्लाह ने चाहा तो तुम्हारा जहाज़ वापस आएगा इतना सुन कर वह साहिल पर खड़़ा होकर जहाज़ का इंतेज़ार करने लगा, उसी बीच उसे अपना जहाज़ आता दिखाई दिया, जब उसे अपना जहाज़ मिल गया तो वह आपका आशिक़ हो गया और अपनी बीवी बच्चों के साथ आपकी बारगाह में हाजिर होकर मुसलमान हो गया आपकी सारी जिन्दगी इंसानियत की भलाई के लिये वक़्फ थी, नमाज़, रोज़ा, इमदाद, सिला रहमी वग़ैरह से आप बड़ी मोहब्बत फरमाते थे, आप बड़ी ही पाकीज़ा तबीअत के हामिल थे
आपकी वफात 59 साल की उम्र में 8 जमादिल आखिर 835 हिजरी में हुआ और मज़ारे पाक माहिम शरीफ (मुम्बई) में है, आपके अक़ीदत मंदों ने मज़ार के क़रीब एक मक़बरा और मस्जिद भी तामीर कराई जो आज भी मौजूद है, हर साल बड़े पैमाने पर आपका उर्स मुंअकिद होता है जिसमें हर मज़हब और मसलक के लोग शरीक होते हैं और आप सब पर अपना फैज़ान नाजिल फरमाते हैं इस मौक़े पर फातिहा ख्वानी हुई और हाफिज़ सैयद मोहम्मद फ़ैसल जाफ़री ने बीमारो को शिफ़ा,बेरोज़गारो को रोज़गार, मुसलमानो की जान माल इज्ज़त आबरू की हिफ़ाज़त की दुआ की फिर शीरनी तक़सीम हुई कन्वीनर वसीमुल्लाह रज़वी ने आए हुए हुए मेहमानो का शुक्रिया अदा किया हाफिज़ मोहम्मद अरशद, रूमान इस्लाम,अफ़रोज़ आलम, मोहम्मद फ़ैसल,मोहम्मद ज़ीशान, मोहम्मद तारिक़, कमालुद्दीन, मोहम्मद अतीक़ आदि लोग मौजूद थे!
जम्मू कश्मीर के पुलवामा में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवानों को 
कुल हिंद जमीअतुल आवाम का खिराज ए अकीदत 
कानपुर । कुल हिंद जमीअतुल आवाम के बैनर तले जम्मू कश्मीर के पुलवामा में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवानों को खिराज ए अकीदत श्रद्धांजलि पेश करने के लिए रूपम चौराहा स्थित गरीब नवाज हाल में कार्यक्रम आयोजन किया गया जिसमें शहर भर के उलेमा व बुद्धिजीवी सामाजिक संगठन के लोग मौजूद रहे जिन्होंने भारत के वीर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी  ज्ञात हो कि सीआरपीएफ के काफिले पर फिदायीन हमले में 42 जवान शहीद हो गए थे व दर्जनभर से ज्यादा जवान जख्मी हुए सेना के काफिले पर घात लगाकर दहशतगर्दी ने फिदायीन हमला किया जिसमें भारतीय सेना के जवान शहीद हो गए इस आतंकी हमले के विरोध में आज शहर काजी कानपुर मौलाना मोहम्मद आलम रजा खान नूरी के नेतृत्व में शहीद सैनिकों को  खिराज  ए  अकीदत पेश की गई कार्यक्रम को अनेक वक्ताओं ने संबोधित किया जिसमें लोगों ने अपने अपने विचार व्यक्त किए इस मौके पर खासकर मुस्लिम धर्मगुरु व बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों ने कहा कि इस घटना को लेकर मुसलमानों सहित प्रत्येक भारतीय में गहरा रोष व्यक्त है दहशतगर्दी के इस कायराना हमले के विरोध में पूरा भारत एकजुट है  देश की हिफाजत में हमारे सेना हमेशा तत्पर रहती है कार्यक्रम में सर्व सहमति से एक निंदा प्रस्ताव पास किया गया जो शहर भर के उलमा मस्जिदों के इमाम  व  बुद्धिजीवियों  की मौजूदगी में सर्व सहमति से यह निर्णय लिया गया की हम सभी भारत सरकार से यह मांग करते हैं कि पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले के दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए इस कार्यक्रम के बाद सभी लोग शहर काजी कानपुर मौलाना आलम रजा खान नूरी के नेतृत्व में एक ज्ञापन जिलाधिकारी कानपुर नगर के माध्यम से   महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जी व भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को भेजा गया कार्यक्रम में कारी अब्दुल मुतालिब ने कहा कि दहशतगर्दी के इस कायराना हमले  के विरोध में आज पूरा भारत  एकजुट है और यही हम भारतीयों की  पहचान है महामंत्री  महबूब आलम खान ने  कहा कि  देश की हिफाजत में हमारे सैनिक दिन रात सरहदों पर तैनात  रहते हैं जिससे  हम अपने घरों में चैन की नींद सोते हैं  इन शहीदों की शहादत को हम सब सलाम करते हैं इस घटना को लेकर  जनता में काफी आक्रोष है जिसको हमारी सरकार को समझना चाहिए देश के दुश्मनों को मुंह तोड़ जवाब देना चाहिए दहशतगर्दी की सख्त मजम्मत करते हुए यह मांग  की गई कि इस दहशतगर्दी हमले को अंजाम देने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए जिससे भविष्य में इस तरह के हमले ना हो सके साथ ही शहीद हुए सैनिकों के परिजनों को ज्यादा से ज्यादा आर्थिक मदद दी जाए साथ ही शहीद सैनिकों के बच्चों की शिक्षा के लिए सरकार अलग से फंड जारी करें जिससे भविष्य में यह बच्चे अपना योगदान देश की प्रगति मे लगाएं और शहीद पिता के सपने को साकार कर सकें कार्यक्रम में मुख्य रूप से मौलाना मोहम्मद आलम रजा खान नूरी मुफ्ती हनीफ बरकाती कारी अब्दुल मुतालिब मौलाना महमूद उल हसन महबूब आलम खान  मुफ्ती रफी अहमद मुफ्ती साकिब अदीब मुमताज सिद्दीकी समाजसेवी सुरेश गुप्ता  अखलाक अहमद डेविड इस्लाम खान हयात जफर हाशमी हाफिज मुशीर हाफिज कफील मौलाना शरीफी सैयद हाजी जफर इरफान हाशिम मौलाना शाहनवाज कन्नौजी  आदि मौजूद रहे
मोहम्मदी यूथ ग्रुप ने कैंडिल मार्च निकालकर शहीदों की  को सलाम किया
पुलवामा मे सीआरपीएफ काफिले पर आत्मघाती आतंकी हमले के खिलाफ कानपुर शहर की आवाम मे गम व गुस्सा है मोहम्मदी यूथ ग्रुप आतंकी हमले के बाद से गम व गुस्से का इज़हार कर रहा है कानपुर नगर के मुस्लिम बाहुल्य इलाकों मे कल घटना के विरोध मे मुस्लिम मार्केट बंद रहा व रोज़ प्रदर्शन के साथ-साथ खानकाहों, मदरसों व मस्जिदों मे दहशतगर्द के खात्मे, मुल्क से दहशतगर्द का नाश होने व मुल्क मे हिंदू मुस्लिम एकता को मजबूत करने की दुआएं भी हो रही है। 
मोहम्मदी यूथ ग्रुप के अध्यक्ष इखलाक अहमद डेविड के नेतृत्व मे जाबाज़ शहीद जवानों की याद मे गुलाब घोसी मस्जिद से कैंडिल मार्च निकाल शहीदों की शहादत को सलाम किया जिसमें सैकड़ो लोग शामिल हुए।  
गुलाब घोसी मस्जिद के सैकड़ो मेम्बर्स जमा हुए उनमे पुलवामा मे हुए सीआरपीएफ काफिले पर आत्मघाती आतंकी हमले को लेकर गुस्सा व हमले मे शहीद हुए जाबाज़ जवानों की शहादत को लेकर अफसोस था।
ग्रुप के सदस्य हाथो मे तिरंगा झंडा व हाथो मे तख्तियां लिये थे जिसमें जैश ए मोहम्मद मुर्दाबाद, भारतीय सेना जिंदाबाद, शहीदों की शहादत को सलाम, मसूद अज़हर मुर्दाबाद, पाक मुर्दाबाद, आतंकवाद मुर्दाबाद, हिंदुस्तान ज़िंदाबाद, भारतीय सेना ज़िंदाबाद, मसूद अज़हर मुर्दाबाद, हिंदुस्तान ज़िंदाबाद, शहीदों की शहादत को सलाम, आतंकी होश मे आओं, आतंक का नाश हो, भारत सरकार पाक के खिलाफ जंग का एलान करों आदि नारे लिखे थे व जोरदर नारे लगाकर अपने गुस्से का इज़हार कर रहे थे।
कैंडिल मार्च गुलाब घोसी मस्जिद, कंघी मोहाल, डा० बेरी का चौराहा, सर सैय्यद लाइब्रेरी, मुन्ना पुरवा, नाला रोड, स्वतंत्रता सेनानी हमीद चौक पहुंचा जहां आतंकी हमले मे शहीद हुए जाबाज़ जवानों की याद मे दो मिनट का मौन रख उन्हें याद किया सभी ने नम आँखों से जवानों की शहादत को सलाम किया उसके बाद कैंडिल मार्च समाप्त हुआ।
ग्रुप के अध्यक्ष इखलाक अहमद डेविड ने कैंडिल मार्च के समापन के बाद अपने सम्बोधन मे कहा कि जवानों की शहादत का बदला लेने का वक्त आ गया है। भारतीय वायु सेना द्वारा युद्ध अभ्यास देखकर ही पाकिस्तानी सरकार व सेना पस्त हो गयी सिर्फ अभ्यास मे पाक का यह हाल है जंग के आगाज़ का आलम क्या होगा।
कैंडिल मार्च मे इखलाक अहमद डेविड, मोहम्मद अनीस, मोहम्मद इस्लाम खान, हाजी इशितयाक निज़ामी, राजा, सैय्यद अरशद, मुर्तजा अली अंसारी, नूर आलम, कयामुद्दीन, इरफान अशरफी, एजाज़ रशीद, अनीस सिद्दीकी, गुड्डू मदीना, मोहम्मद अनवर, गुफरान खान, मुजीब जाफरी, सुहैल विक्की, अफज़ाल अहमद, मोहम्मद शादाब, लाला, कवि अंसारी, मोहम्मद मुकीद, शहनवाज़, मोहम्मद बिलाल, मोहम्मद इशरत, वली मोहम्मद, अब्दुल करीम, दानिश मोइन, काशिफ बंटू, मोहम्मदी शारिक आदि सैकड़ो लोग थे।
पुलवामा मे हुए दहशतगर्द हमला इन्सानियत के खिलाफ़:मुफ्ती क़ासिम अमजदी
तन्ज़ीम बरेलवी उलमा-ए-अहले सुन्नत के ज़ेरे एहतिमाम शुजातगंज मे एहतिजाजी जलसा मुनक्किद 
कानपुर:तन्ज़ीम बरेलवी उलमा-ए-अहले सुन्नत की जानिब से शुजाअतगंज अजमेरी रोड पर आतंकवाद के खिलाफ़ एहतिजाजी जलसा हुआ जिसकी सदारत तन्ज़ीम के सदर हाफिज़ व क़ारी सैयद मोहम्मद फ़ैसल जाफ़री ने की मदरसा जामिया मख्दूमिया सिराजुल उलूम चन्दारी दारूल इफ्ता के सदर हज़रत अल्लामा मुफ्ती मोहम्मद क़ासिम रज़ा अमजदी ने कहा कि हिन्दुस्तान अमन की सर ज़मीन है इस मुल्क को आज़ाद कराने वालों ने मुल्क के बसने वालों को मोहब्बत का पैग़ाम दिया है हमारे आक़ा हुज़ूर नबी करीम अलैहिस्सलाम भी इस मुल्के से मोहब्बत फ़रमाते थे और इस मुल्क के लिए दुुआ भी फरमाई मगर आज दहशत गर्दों ने इस मुल्क की हवा में ज़हर घोलने का जो नाकाम इरादा किया है और लगातार कर रहे है वह सही नही कर रहे है इस धटना से मुल्क के हर फर्द में बड़ी बे चैनी पाई जा रही है हुकूमते हिन्द जल्द से जल्द इस पर कारवाई करे और यह भी कहा कि ऐसी घटनाएं बार बार क्यो होती आ रही हैं उसकी तह तक जाकर उसकी जड़ काटनी होगी और किसी के साथ ना इंसाफ़ी भी नही होनी चाहिए न ही राजनीति की जाए
तन्ज़ीम के मीडिया इंचार्ज मौलाना मोहम्मद हस्सान क़ादरी ने कहा कि पुलवामा में 14 फरवरी को जो हादसा पेश आया वह यक़ीनन क़ाबिले मज़म्मत है, इस वक़्त मुल्क के हर कोने में मातम सा छाया हुआ है 
मुल्क की हुकूमत को दहशत गर्दों के खिलाफ सख़्त क़दम उठाने की ज़रूरत है, मुल्क का हर मुसलमान दहशत गर्दों और दहशत गर्दी के ख़िलाफ है, मुसलमान जिस तरह मुल्क से मोहब्बत का सुबूत देता आ रहा है इसी तरह आखिरी दम तक देता रहेगा और हर हाल में इस मुल्क में बद अमनी फैलाने वालों को क़ुबूल ना करेगा चाहे वह कोई भी हो किसी भी मज़हब का हो
इस मुल्क को हमारे बड़ों ने अपने पसीनों से नहीं बल्कि ख़ूने जिगर से बसाया है अब अगर कोई भी इस मुल्क को नफरत की नज़रों से देखेगा तो इस मुल्क का मुसलमान ख़ामोश नहीं बैठेगा बल्कि अपनी हुकूमत को इस सिलसिले में आगे बढ़ाकर उनका साथ देगा और मुल्क के दुश्मनों से लड़ेगा चाहे जान रहे ना रहे लेकिन मुल्क की शान में कभी आँच नहीं आने देगा जौहर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हयात ज़फर हाशमी ने कहा कि दहशतगर्द के खात्मे के लिए भारतीय मुसलमान हुकूमत के साथ है यलगार होना चाहिए ज़रूरत पड़ी तो मुस्लिम युवा सरहद पर जाने को तैयार है इससे पहले प्रोगाम का आगाज़ तिलावते क़ुरआन पाक से हाफिज़ इन्तिखाब अज़हरी ने किया तन्ज़ीम के सदर हाफिज़ सैयद मोहम्मद फ़ैसल जाफ़री ने दहशतगर्दी के खात्मे और मुल्क मे अमनो अमान क़ायम रहने की दुआ की इस मौक़े पर आफ़ताब अज़हरी,खालिद सिद्दीक़ी,अबु तल्हा,मोहम्मद फ़ैसल,शहज़ाद अख्तर,रईस अन्सारी (राजू),शाहनवाज़ अन्सारी,ज़मीर खॉ मुशाहिदी,मोहम्मद आज़म,मोहम्मद ज़ाहिद,नवेद खान,वकील खान,ग़ुफरान अहमद,रशीद पहलवान,अज्जू,रियाज़ भाई (सानिया टेन्ट) ,मोहम्मद शाहिद आदि लोग मौजूद थे!
पुलवामा हमले के विरोध में मस्जिदों के इमाम सड़कों पर उतरे
कानपुर-17 फरवरी। दहशतगर्दी मुर्दाबाद, आतंकवाद मुर्दाबाद, कूसूरवारों को सजा दो, सजा दो, भारतीय सेना जिन्दाबाद, जिन्दाबाद, हिन्दुस्तान जिन्दाबाद, जिन्दाबाद, जैसे गगनभेदी नारों की गूंज में मस्जिदों के इमामें ने हाथों में काली पट्टिश यां बांधकर आक्रोश  प्रकट किया। यह रैली आल इंडिया गरीब नवाज कौंसिल के बैनर तले गदियाना से संस्थान के राश्ट्रीय अध्यक्ष हजरत मौलाना हाशम अशरफी के नेतृत्व में निकाली गई।
इस अवसर पर श्री अषरफी ने कहा कि पुलवामा में हुये आतंकी हमलों की हम कड़ी निन्दा करते हैं। यह हरकत बहुत की कायराना और धोखेबाजी की घटना है। इस घटना का जितना भी विरोध किया जाये वह कम है। इस दुख की घड़ी में हम सब भारतीय सेना व सरकार के साथ कन्धे से कन्धा मिलाकर खड़े हैं और हम वतन पर अपनी जानों को निछावर करने वाले शहीदों के साथ बराकर के शरीके गम हैं।
इस अवसर पर हजरत मौलाना महताब आलम कादरी मिस्बाही खतीब व इमाम मस्जिद बशीर स्टेट, मौलाना सोहेब अहमद  खतीब व इमाम मस्जिद हसन हुसैन, मौलाना अहमद रजा खतीब व इाम मस्जिद अजीज फात्मा, मौलाना मोहम्मद आजाद खतीब व इमाम मस्जिद महाराजपुर, हाफिज मोहम्मद नियाज अशरफी खतीब व इमाम नूरी मस्जिद ष्याम नगर, मौलाना मसूद रजा अषरफी खतीब व इमाम अक्सा जामा मस्जिद, कौंसिल के राष्ट्रीय प्रवक्ता मो. शाह आजम बरकाती, हाफिज अब्दुल रहीम बहराइची, मौलाना मोइनुद्दीन, हिसामुद्दीन, सईद अहमद, मो. शहजादे, कारी महफूज अहमद, कारी मुख्तार, युसुफ रजा कानपुर, हाजी शौकत अली, वासिफ आदि उपस्थित रहे। 

पुलवामा मे हुआ आतंकवादी हमला बेहद अफ़सोसनाक हुकूमत सख्त कायर्वाही करे:हाफिज़ फ़ैसल जाफ़री
आतंकवादी हमले की तन्ज़ीम बरेलवी उलमा-ए-अहले सुन्नत ने की मज़म्मत
कानपुर:जम्मू कश्मीर के पुलवामा मे हुए आतंकवादी हमला इन्सानियत के खिलाफ हमला है जिसमे लगभग देश के 49 जवान दुनिया से रूखसत हो गए यह बहुत ही अफ़सोसनाक बात है तन्ज़ीम बरेलवी उलमा-ए-अहले सुन्नत इस वाकिये की सख्त अल्फा़ज़ मे मज़म्मत करती है और उनके परिवार के ग़म मे बराबर से शरीक है तन्ज़ीम के सदर हाफिज़ व क़ारी सैयद मोहम्मद फ़ैसल जाफ़री ने कहा कि दहशतगर्द लोगो के लिए मज़हबे इस्लाम मे कोई गुन्जाईश नही है इस खौफ़नाक वाकियात से न सिर्फ सी आर पी एफ  जवान के परिवार बल्कि पूरे मुल्क मे रहने वाले लोग ग़म व ग़ुस्से मे है जिन लोगो ने इस तरह की हरकत की है वह बहुत ही गलत है ऐसे दहशतगर्द लोगो का इस्लाम से कोई वास्ता नही है मर्कज़ी हुकूमत को चाहिए कि अब बगैर किसी इन्तिज़ार के दहशतगर्द लोगो के खिलाफ़ सख्त कायर्वाही करे ताकि आगे कोई ऐसी गंदी हरकत करने की हिम्मत न जुटा सके और हमारे मुल्क मे हिन्दु मुस्लिम भाईचारगी व अमन-व-अमान क़ायम रहे हाफिज़ फ़ैसल जाफऱी के अलावा तन्ज़ीम के सरपरस्त मौलाना नय्यरूल क़ादरी,क़ारी इम्तियाज़ अहमद,मौलाना मोहम्मद हस्सान क़ादरी,मौलाना ज़हूर आलम,हाफिज़ वाहिद अली,मौलाना मुबारक अली,मौलाना हबीबुर्रहमान,मौलाना मोहम्मद फ़ारूक़,हाफिज़ सिकन्दर अज़हरी,वसीमुल्लाह रज़वी,तन्वीर रज़ा बेग,हाजी हस्सान अज़हरी,आफ़ताब अज़हरी,हैदर अली,कमालुद्दीन,इक़बाल मीर खॉ,रईस पहलवान,मोहम्मद खालिद,मोहम्मद तारिक़,मोहम्मद इरफ़ान क़ादरी,मोहम्मद मोईन जाफ़री ने भी इस वाकिये की सख्त अल्फ़ाज़ मे मज़म्मत करते हुए हुकूमत से सख्त कायर्वाही की मॉग की है!

शहीदों की याद में बंद हुआ कानपुर का बाजार
- शहीदों को श्रद्धांजलि दे आत्मघाती हमले के विरोध में निकाली गयी बाइक रैली 



कानपुर । पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद जवानों को लेकर कानपुर सहित पूरे देश में गुस्सा है। जिसके चलते यहां के व्यापारी संगठनों ने शनिवार को अपनी स्वेच्छा से दुकानों को बंद कर दिया। इसके पहले घंटाघर चौराहे पर व्यापारी एकत्र हुए और शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद बाइक रैली निकाल आत्मघाती हमले का विरोध भी जताया। 
कश्मीर के पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले में शहीद हुए 40 जवानों की शहादत में कानपुर उद्योग व्यपार मंडल के आवाहन पर कानपुर के समस्त व्यपारियों ने अपनी स्वेच्छा से अपने अपने व्यापारिक संस्थान को बंद कर दिया। व्यापारियों ने घंटाघर चौराहे पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि सभा कर दो मिनट का मौन धारण किया। इसके बाद व्यापारियां ने घण्टाघर चौराहे से एक विशाल जुलूस भी निकाला। वहीं हाथों में तिरंगा लिए हुए व्यापारी भारत माता की जय के नारे लगाते हुए चल रहे थे। व्यापारियों ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ करो या मरो के नारे लगाते हुए कहा है कि देश के लिए शहीद हुए लाडलों के हत्यारां को बख्सा नहीं जाना चाहिए। व्यापारी नेता ज्ञानेश मिश्र ने कहा कि इस मामले को केंद्र की मोदी सरकार गंभीरता से ले और दुश्मनों मुहतोड़ जवाब दे। व्यापारी विनोद गुप्ता ने बताया कि कश्मीर में शहीद हुए सैनिको को शहर के समस्त व्यपारियों ने अपने अपने प्रतिष्ठान बंद कर श्रद्धांजलि दी है और सरकार से अपील की है कि अब पाकिस्तान को उसकी ही भाषा में जवाब दो। व्यापारी नेता प्रवीन यादव ने बताया कि हम लोगों ने स्वयं अपनी दुकानों को बंद कर देश के सैनिकां को श्रद्धांजलि दी है। भारत सरकार से मांग करते है कि अब केवल पाकिस्तान को उसकी ही धरती में सबक सिखाये। ज्ञानेश मिश्र ने बताया कि शहर के सभी व्यापारिक संगठन से रात में ही बात कर ली गयी थी और शहीदों के लिए आज कानपुर का बाजार पूरी तरह से बंद रहा। 

रेल मंत्री को लेकर कानपुर पहुंची वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन


कानपुर । भारत की पहली इंजनरहित ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन 18) शुक्रवार को नई दिल्ली से वाराणसी के लिए रवाना हुई। इस ट्रेन में खुद रेल मंत्री सवार थे और कानपुर पहुंचते ही रेल मंत्री और ट्रेन का शहरवासियों ने स्वागत किया और खुशी का इजहार भी किया। करीब आधा घंटा रूकने के बाद ट्रेन वाराणसी के लिए रवाना हो गयी। 
चेन्नई के इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में तैयार की गयी देश की पहली इंजन रहित ट्रेन 18 का दो बार दिल्ली से वाराणसी तक सफल परीक्षण किया जा चुका है। जिसके बाद हाल ही में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्रेन 18 को वंदे मातरम एक्सप्रेस नाम दिया था। इस ट्रेन को खुद रेल मंत्री पीयूष गोयल कानपुर सांसद डा. मुरली मनोहर जोशी के साथ लेकर आये। कानपुर सेंट्रल स्टेशन में सेमी हाई स्पीड ट्रेन साढ़े तीन बजे प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंची। ट्रेन के आते यात्री और स्टेशन में स्वागत के लिए पहुंचे शहरवासी खुश हो गये। शहरवासियों ने ट्रेन के साथ सेल्फी भी ली। रेल मंत्री ने कहा इस ट्रेन के चलने यात्रियों को बहुत दिल्ली आने जाने में बहुत सुविधा मिलेगी। वहीं सांसद डा. मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि अब शहरवासी कम समय में राजधानी दिल्ली का सफर कर सकेंगे और अन्य ट्रेनों से बेहतर सुविधाएं इसमें मिलेगी। 
डीआरएम अमिताभ कुमार ने अत्याधनिक सुविधाओं वाली इस 16 कोच की ट्रेन में 2 एग्जीक्यूटिव श्रेणी और 14 चेयरकार श्रेणी के कोच हैं। वाई-फाई सहित अन्य तकनीकी सुविधाएं भी इस ट्रेन में यात्रा करने वालों के लिए उपलब्ध रहेंगी। विकलांग यात्रियों के लिए व्हील चेयर खड़ी करने का भी अलग स्थान इस ट्रेन में है। प्रत्येक कोच की पेन्ट्री भी अलग है। वन्दे भारत एक्सप्रेस 17 फरवरी से नियमित तौर पर रफ्तार भरना शुरू कर देगी। सप्ताह में पांच दिन रविवार, मंगलवार, बुधवार, शुक्रवार व शनिवार को रफ्तार भरेगी। जबकि सोमवार व गुरुवार को नहीं चलेगी। 

कायराना हरकत करने वालों से अब नहीं होगी बातचीत, देगें मुंहतोड़ जवाब : रेल मंत्री 

कानपुर । कश्मीर के पुलवामा में गुरूवार को आतंकी घटना को अंजाम दिया गया और हमारे 37 जवान शहीद हो गये। जिसके बाद से सरकार ही नहीं पूरा देश उन शहीदों के साथ खड़ा है और सरकार ने सेना को खुली छूट दे दी है। ऐसे कायराना हरकत करने वालों से अब बात के सभी रास्ते बंद हो गये हैं और उन्हे मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। यह बातें शुक्रवार को कानपुर में मीडिया से मुखातिब होते हुए रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कही। 
चेन्नई के इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में तैयार की गयी देश की पहली इंजन रहित ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन 18) शुक्रवार को कानपुर पहुंची। जिसको लेकर खुद रेल मंत्री पीयूष गोयल आये और उनके साथ कानपुर सांसद व वरिष्ठ भाजपा नेता डा. मुरली मनोहर जोशी भी रहें। अपने बीच रेल मंत्री को देख पुलवामा में हुए आतंकी घटना को लेकर गुस्सा से उबल रहे शहरवासियों ने पाकिस्तान और आतंकवाद का नारा लगाने लगे। जिस पर रेल मंत्री ने कहा कि आपका गुस्सा वाजिब है पर आप लोगों को मैं विश्वास दिलाता हॅूं कि शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और हमारे जवान सीमा पर मुंहतोड़ जवाब देगें। रेल मंत्री ने लोगों को शांत कराते हुए पुलवामा में शहीद हए जवानों के लिए दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। साथ ही सांसद मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि धार्मिक उन्माद का समर्थन नहीं किया जा सकता। सारी पार्टियां एकजुट हो। देश बचेगा तो चुनाव होंगे। सवाल देश बचाने का है। 
इसके बाद रेल मंत्री मीडिया से भी मुखातिब हुए। उन्होंने सबसे पहले पुलवामा में हुए आतंकी हमले पर दुख व्यक्त किया। इसके बाद कहा कि शहीद हुए जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी और पूरा देश इस समय गुस्से में है। यह गुस्सा उनका लाजिमी है। केन्द्र सरकार ने आज ही इसको लेकर बैठक की है और सेना को खुली छूट दे दी है। मीडिया ने जब सवाल किया कि कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू बातचीत की वकालत कर रहे हैं। इस पर रेल मंत्री ने कहा कि मैं व्यक्तिगत बयान पर क्या टिप्पणी दूं। यह दुर्भाग्य पूर्ण है कि ऐसे गंभीर मामले पर राजनीतिकरण नहीं होना चाहिये। रेल मंत्री ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि ऐसी कायराना हरकत करने वालों से बातचीत के सारे रास्ते बंद हो गये है और अब वक्त आ गया है कि उनको मुंहतोड़ जवाब दिया जाये। जिस पर सरकार सेना के साथ रणनीति बनाना शुरू कर दिया है।