मनाया गया 21वां संकल्प दिवस
कानपुर नगर, महर्षि बालमीकि जन्मोत्सव केन्द्रीय मेला कमेटी द्वारा मोतीझील बाल्मीकि उपवन में 21वां संकल्प दिवस व सम्मान समरोह मनाया गया जिमसें मुख्य अतिथि के रूप में नगर की महापौर प्रमिला पाण्डेय, भाजपा विधायिका नीमिला कटियार, सांसद देवेन्द्र सिं भोज, सपा पूर्व विधालय सतीश निगम सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
उपस्थित अतिथियों ने बाल्मीकि प्रतिमा पर माल्यापण कर तथा दीप प्रज्जवलित किया। नीलिमा कटिया ने कहा कि रामायण विश्व का सबसे पावन ग्रन्थ है, जिसे बाल्मीकि जी ने लिखा है और समाज के लोग उनसे प्रेरणा लेकर उच्च शिक्षा की ओर अग्रसर होनाचाहिये। इस अवसर पर समाज के प्रतिभावान 31 छात्र-छात्राओं का सम्मान किया गया। इस अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमो के आयोजन हुऐ, जिसके प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर रमश करोचिय, सुनील कुमार सुमन, रवि घुटाली, जीतू गहरवार, सतीश बाल्मीकि, राम गोपाल सागर आदि को महापौर ने सम्मानित किया साथ ही सभी उपस्थित जनों ने बेटी बचाओं, बैटी पढाओं तथा पर्यावरण और स्वच्छता अभियान चलाने, वृक्षारोपण करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुरेश भारती ने की तथा रकोश ताराचन्द्र, विनोद कुमार, बाबादीन मिसुरिया, रामलाल समुद्रे, सुरेश राका, माता प्रसाद सहित काफी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।
बेजुबान ने दिखाई ममता, जानी दुश्मन के बच्चों की बचाई जिंदगी
कानपुर । जाति धर्म व अपने-अपने स्वार्थ में जहां लोग परेशान रहते हैं तो वहीं एक बेजुबान ने ममता की ऐसी मिशाल पेश किया कि ग्रामीण हैरान हो गये। जी हां हम बात कर रहें है एक ऐसी कुतिया की जो अपने बच्चों के साथ भूख से तड़प रहे जानी दुश्मन बकरी के बच्चों को दूध पिला उनकी जिंदगी इस कड़ाके की ठंड में बचा रही है।
जन्म लेने के बाद उनकी मां यानी बकरी बीमार पड़ गई। भूख के चलते वह कराह करे थे। पालक भी परेशान था दूध से भरी बोतल मुंह में लगता तो वह पीने के बजाए चिल्लाने लगते। इसी दौरान एक कुतिया पर बकरी के बच्चें की नजर पड़ी और वह दौड़कर उसके उसके पास पहुंच गए। काटने-गुर्राने की बजाय कुतिया उन्हें प्यार से सहलाने लगी, बच्चे भी मां समझ उसके आंचल से लग कर भूख मिटाने लगे। कुतिया सुबह, दोपहर और शाम को किसान के घर पर आती है और पिल्लों के साथ ही कबरी के बच्चों को भी दूध पिलाती है। कुतिया की सादगी देख पूरा गांव गदगद है। बकरी पालक राजकुमार कहते हैं कि कुत्ते और बकरी का 36 का आंकड़ा होता है। पर बकरी के बच्चों को निवाला बनाने की जगह कुतिया उन्हें पाल रही है।
कुतिया के दूध से पल रहे बकरी के बच्चे- कहते हैं दुनिया मां ऐसी होती है जो अपने बच्चे के लिए कुछ भी कर गुजरती है। खुद भूखे पेट सोती है, पर अपने कलेजे के टुकड़े को वह भूखा नहीं सोने देती। इंसानों के साथ-साथ मां शब्द बेजुबानों के लिए खास है। ऐसी ही एक मां घाटमपुर तहसील के भीतरगाव क्षेत्र के तिवारीपुर गांव मे चर्चा का विषय बनी हुयी है। जिसकी ममता व प्यार उसके बच्चे के साथ ही ऐसे दो बच्चों को भी मिलता है जो अपनी मां के बीमार हो जाने के चलते भूख से बिलख रहे थे। ये मां कोई इंसान नहीं बल्कि एक घर की पालतू कुतिया है।
तिवारीपुर गांव निवासी किसान शिवबरन सिंह यादव के घर पर बकरी ने दो बच्चों को जन्म दिया था। ठंड के चलते बकरी बीमार पड़ गई और उसने अपने बच्चों को दूध पिलाना बंद कर दिया। किसान बकरी के बच्चों को बोतल के जरिए धूप पिलाने की कोशिश करता पर वह पीने को तैयार नहीं होते। शिवबरन ने बताया कि बड़े भाई के यहां रजनी नाम की कुतिया पली है और उसने भी तीन पिल्लों को जन्म दिया है। बताते हैं, पांच दिन पहले कुतिया बकरी के बच्चों के पास खड़ी हो गई और उन्हें दुलारने लगी। बकरी के बच्चे भी बिना डरे उसका दूध पीने लगे।
तीन बार आकर पिलाती है दूध - शिवबरन बताते हैं कि कुतिया सुबह, दोपहर और शाम को बरामदे में आकर खड़ी हो जाती है और बकरी के बच्चे उसे देख कर उछल कूद कर पास पहुंच जाते हैं। कुतिया बकरी के बच्चों को प्यार से दुलारती है और फिर दोनों दूध पीने लगते हैं। बकरी के बच्चों का पेट भरने के बाद कुतिया अपने पिल्लों को दूध पिलाती है। शिवबरन ने बताया कि पिछले पांच दिन कुतिया के दूध से बकरी के बच्चों में जान आ गई है और वह अब उसे देखते ही बाहर निकल आते हैं और उछल-कूद करते हैं। वहीं गांववालों का कहना हैं कि उन्होंने ऐसा नजारा इससे पहले कभी नहीं देखा था। अब यह कुतिया रोजाना उसे दूध पिलाती है। पूरे क्षेत्र में एक कुतिया द्वारा बकरी के बच्चे को दूध पिलाना चर्चा का विषय बना हुआ है। जो सुनता है उसके पैर शिवबरन यादव के घर की तरफ खुद-ब-खुद बढ़ जाते है।
पालक की पत्नी का कहना - शिवबरन की पत्नी आशा यादव कहती हैं कि इंसान जाति, धर्म, ऊंच-नींच पर बटा है, लेकिन बेजुबानों में आज भी मानवता दिखती है। आशा ने बताया कि बकरी के बीमार हो जाने से बच्चे भी भूख से बीमार पड़ गए। डॉक्टरों को दिखाया तो उन्होंने बोतल के जरिए दूध पिलाने को कहा। लेकिन वह बोतल पर मुंह लगाने को तैयार नहीं थे। हमें एहसास हो गया था कि अब बकरी के बच्चे जिंदा नहीं बचेंगे। लेकिन चाचा की कुतिया ने उन्हें जीवनदान दिया। आशा कहती हैं कि कुत्ते और बकरी का आपस में बैर होता है, पर इस मां ने दुश्मनी को आगे नहीं होने दिया और अपना मातृधर्म निभाया। बकरी के बच्चे उसे अपनी मां की तरह ही प्यार करते हैं तो वो भी उन्हें पिल्लों की तरह दुलारती है।
प्रेस क्लब में सामाजिक सद्भाव कायम रखने को हुई कुरान ख्वानी
इस अवसर पर महामंत्री कुशाग्र पाण्डेय ने बताया कि दो दिन पूर्व मंगलवार को नव वर्ष की बेला पर सुंदर कांड का आयोजन किया गया था। इस क्रम में आज कुरान ख्वानी आयोजित की गई। इस मौके पर उपाध्यक्ष सुनील साहू, कोषाध्यक्ष अभिलाष बाजपेयी, पत्रकार चंदन जायसवाल, इब्ने हसन जैदी, अभिनव श्रीवास्तव, अखलाक अहमद, मो. इरफान, डा. जसवंत सिंह, डा. हर नारायण मिश्र, अमन तिवारी, मो. फैज, आमिर सिद्दीकी, मोमिन अली, रमन गुप्ता, मोहसिन सिद्दीकी, दानिश खान, मो. अनीस, कम्मू शेख, संदीप शर्मा, प्रवीण गुप्ता, महबूब आलम, दानिश खान, मो. अकील आदि उपस्थित रहें।
वेटर्न्स रैली में शहीदों के परिजनों व आश्रितों को दिया सम्मान
कानपुर। प्रत्येक वर्ष की भांति इस बार भी साल के आखिरी दौर में वेटर्न्स रैली का आर्मी हेड क्वार्टर ने केंट स्थित कैवेलरी ग्राउंड में आयोजन किया। इस रैली में कानपुर नगर ,कानपुर देहात,उन्नाव और औरैया से वीर नारियों,आश्रितों, और भूतपूर्व सैनिकों ने शिरकत की सेवानिवृत जवान, व शहीदों के परिजनों व आश्रितों का मुख्य अतिथि मेजर विनोद शर्मा के द्वारा सम्मान कर सम्मानित किया गया। वहीं इस रैली में आर्मी के जवानों द्वारा कलाएं प्रस्तुति को देख ग्राउंड में बैठे लोगों ने जमकर तालियां बजाई। इस दौरान आर्मी के जवानों ने बेंड से शुरुआत कर हाथ मे गदा लिए हुए सुंदर रैली निकाली और वाद्य यंत्रों द्वारा सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा की ध्वनि के साथ रैली निकाली। वहीं असम रेजिमेंट का एक नागा डांस जिसे बेम्बू डांस भी कहा जाता है जो वहां के रीति रिवाज़ो को निभाता है। उसके बाद पंजाब का वह लोक नृत्य जिसका नाम सुनकर हम सभी के पैर थिरकने लगते हैं भांगड़ा की जवानों ने बेहतरीन प्रस्तुति पेश की गई पंजाबी परिधानों में। ग्राउंड में सेवानीवर्त्त एक्स सर्विसमेन आर्मी के लोगों के लिए कई स्टाल लगाए गए हुए थे जैसे पेंशन ऑनलाइन माध्यम से सेम डे कैसे पेमेंट ली जाए उसका विकल्प, वहीँ बैंक सम्बन्धित पेंशन की सही जानकारी, एक्स सर्विसमेन के लिए आगे नौकरियां, आधार कार्ड लोगों को सही जानकारी देने के लिए स्टाल लगाए गए। वहीं मुख्य अतिथि विनोद शर्मा ने सभी शहीदों के परिजनों आश्रितों को सम्मानित भी किया। ऐसा कई स्टालों पर एग्स सर्विसमेन को सही और स्पष्ट जानकारी दी गयी भविष्य हेतु।
एलईडी लाइट व पोल का किया कैबिनेट मंत्री ने शुभारंभ
कानपुर। कैबिनेट मंत्री सतीश महाना और महापौर प्रमिला पांडे के द्वारा हरजिंदर नगर चौराहे में एलईडी लाइट व पोल लगाने के कार्यों का शुभारंभ पोल की फाउंडेशन बनाने के काम से प्रारंभ हुआ जिसमें बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनता व पार्षदगण उपस्थित थे नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि एयरफोर्स चौराहे से जगई पुरवा तक 3. 11 किलोमीटर में 145 पोल व 290 एलईडी लाइट लगाई जाएगी। जिसके अंतर्गत लगभग 61 प्रतिशत ऊर्जा की बचत होगी तथा इसकी रोशनी भी बहुत अच्छी होगी महापौर उर्मिला पांडे ने कहा कि मैं आजकल सभी वार्डों में जाकर समस्या देख रही हूं पूरे कानपुर को एलईडी लाइट लगाकर चमकाने का प्रयास किया जाएगा जिससे ऊर्जा की बचत होगी शीघ्र ही कानपुर में स्वच्छता का अभियान भी चलाया जाएगा कैबिनेट मंत्री सतीश महाना ने कहा कि 2019 तक पूरे कानपुर को स्वच्छता अभियान से जोड़ा जाएगा तथा विकास की गति को आगे बढ़ाया जाएगा दूसरे शहरों से रामादेवी व हरजिंदर नगर में आने वाला व्यक्ति जब प्रवेश करेगा तो सुंदर कानपुर की कल्पना करेगा मेरा यह प्रयास रहेगा कि शासन स्तर से विभिन्न विभागों से अपनी विधानसभा है एवं कानपुर महानगर के लिए बड़ी बड़ी योजनाएं लाकर कानपुर का विकास कराया जाए। सतीश महाना ने प्रदेश व केंद्र सरकार की उपलब्धियां भी बताई मुख्य रूप से उपस्थित सतीश महाना, प्रमिला पांडे, पीएन राय, अमृतलाल, बीडी राय, राकेश तिवारी, गायत्री उमराव, कैलाश पांडे, मोहिनी शुक्ला, संगीता बाली, रीता कुशवाहा, सौरव तिवारी, दिनेश तिवारी,व अतुल शुक्ला आदि लोग मौजूद रहे।
निबंध लेखन एवं कोलाज प्रतियोगितायंे
कानपुर नगर, क्राइस्चर्च महाविधालय का वार्षिक सांस्कृतिक महोत्सव अभिव्यक्ति 2017 का आयोजन 19 दिसम्बर से शुरू हुआ। यह वर्ष पं0 दीनदयाल उपाध्याय शताब्दी वर्ष के रूप में विशिष्ट आयोजनो से पूरित है। अभिव्यक्ति 2017 का औपचारिक उद्घाटन महाविधालय के सचिव डा0 परेवज ई. डीन ने की।
पहले बिंध लेखन प्रतियोगिता विषय पंडित दीनदयाल की विकसित एवं न्यायपूर्ण भारत की परिकल्पना सम्पन्न कराई गयी, जिसमें 70 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। निर्णायक मंडल में डा0 डीसी श्रीवास्तव, डा0 अरविन्द सिंह, डा0 डोरोथी राय, डा0 सूफिया उपस्थित रहे। परिणाम 21 दिसम्बर को पुरस्कार वितरण समारोह में घोषित किया जायेगा। इसके बाद कोलाज प्रतियोगिता कराई गयी, जिसका विषय युवा शक्ति की ऊर्जा औरउमंग का परिचायक था। इस प्रतियोगिता में युवा छात्रों ने अपने सपनो, आकांक्षाओं, उममीदरों और विचारो को तस्वीरो और कागजों की अनूठी भाषा में स्वरूप दिया। इसमें 75 प्रतिभागियों ने भाग लिया तथा डा0 रीना डीन, डा0 नलिन कुमार श्रीवासतव, डा0 विनोद कुमार निर्णाक मण्डल में तथा कोलाज प्रतियोगिता प्रभारी शिक्षको में डा0 मृदुला सैमसन, डा0 फिरदौस कटियार, डा0 सुनीता वर्मा, डा0 श्वेता चंद उपस्थित रहीं।
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